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मोदीनगर में राजस्व विभाग ने लगभग 600 बीघा भूमि को शत्रु भूमि घोषित किया , दशको से रह रहे लोगों में आक्रोश,बड़ी संख्या में लोग तहसील में पहुंचे

 गाजियाबाद के मोदीनगर में राजस्व विभाग ने लगभग 600 बीघा भूमि को शत्रु भूमि घोषित कर दिया है।जिसके बाद अब देश की आजादी से पहले रह रहे लोगों के आशियानों पर प्रशासन की तलवार लटक गई है।तहसील प्रशासन ने बाकायदा गांवों में मुनादी करवाकर निर्माण कार्यों पर रोक लगाए जाने की घोषणा के दी है। जिसके बाद इलाके के लोगों में बेहद गुस्सा भरा है


और अपना आशियाना खत्म होते देख बड़ी संख्या में लोग तहसील पहुंचे जहां उन्होंने उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।
मिली जानकारी के अनुसार मोदीनगर क्षेत्र के सीकरी में 600 बीघा जमीन ऐसी है। जहां पर तमाम आशियाने बने हुए हैं और लोग आजादी से पहले से ही इस जमीन पर रह रहे हैं। लेकिन अचानक ही अब राजस्व विभाग ने इस पूरी 600 बीघा जमीन को शत्रु भूमि घोषित कर दिया है।

जिसके बाद से इस इलाके में बने सभी आसमानों पर प्रशासन की तलवार लटक गई है।इसके अलावा नए निर्माण पर भी इस इलाके में रोक लगा दी गई है। बाकायदा इसकी सूचना प्रशासन ने आसपास के इलाके में मुनादी कर लोगों तक पहुंचाई है। इस इलाके में दशकों से रह रहे लोगों के सामने अपने आशियाने को बचाने की एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।गांव सीकरी खुर्द के साथ-साथ कुछ ऐसी कॉलोनी भी हैं।जो जीडीए द्वारा अप्रूव की गई हैं।लोगों का कहना है कि उनके गांव के लोगों ने देश की आजादी में अपनी शहादत देकर बड़ा योगदान दिया था।तो उनकी भूमि शत्रु भूमि कैसे हो सकती है।

यहां रह रहे लोगों का कहना है कि अभी तक भी संपत्ति के तमाम कागजात उनके नाम ही पर दर्ज हैं।जिसे अब तहसील प्रशासन द्वारा शत्रु भूमि में बदला जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने तहसील परिसर में पहुंचकर उप जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला को ज्ञापन सौंपा और इस कार्यवाही पर रोक लगवाने व दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की बात कही।यहां रह रहे लोगों का कहना है

कि अभी तक भी संपत्ति के तमाम कागजात उनके नाम ही पर दर्ज हैं।जिसे अब तहसील प्रशासन द्वारा शत्रु भूमि में बदला जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने तहसील परिसर में पहुंचकर उप जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला को ज्ञापन सौंपा और इस कार्यवाही पर रोक लगवाने व दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की बात कही।
उधर उप जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला का कहना है।कि उन्होंने बताया कि उनके पास केंद्र सरकार द्वारा आदेश आया है।जिसमें उक्त कार्यवाही की गई है और भूमि चिंहित करने का काम किया जा रहा है।

इसमें राज्य सरकार का कोई लेना देना नहीं है और सबसे बड़ी बात यह है। कि क्या दसकों से गांव में रह रहे लोगों को अपना आशियाना छोड़कर जाना पड़ेगा,या फिर सरकार द्वारा उन्हें रियायत दी जाएगी। यह तो आने वाला वक्त ही बयां कर पाएगा।
इसके अलावा तहसील परिसर में ज्ञापन देने पहुंचे लोगों के साथ किसान नेता बबली गुर्जर भी मौजूद रहे।उन्होंने कहा कि सीकरी में माता का एक मंदिर है।जहां पर एक वट वृक्ष है।उस वटवृक्ष पर अंग्रेजों ने इस इलाके के 131 लोगों को फांसी पर लटकाया था और यह मंदिर काफी पुराना है। इस इलाके के लोगों ने आजादी के लिए अपनी शहादत दी है और जिस जमीन को शत्रु भूमि बताया जा रहा है।वह इनकी बाप दादाओं की है और जो लोग बाद में आए हैं।उन्होंने इस जमीन का पैसा दिया है।

यदि ऐसा था तो उस वक्त प्रशासनिक अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान क्यों नहीं दिया।
वहीं इस दौरान भाजपा की क्षेत्रीय विधायक मंजू सिवाच भी मौके पर पहुंचे उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जमीन खरीदी है।उनका कोई दोष नहीं है और इस बारे में गृहमंत्री से गहनता से बात की जाएगी कोशिश की जाएगी।कि जिनकी पुरानी जमीन है। उन लोगों की समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाए क्योंकि इन लोगों ने पैसे देकर जमीन खरीदी है और पिछले काफी समय से यहां रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आगे इस जमीन को खरीद रहे हैं।उन पर रोक लगाई जाए नाकि जिनके पुराने आशियाने हैं।उन्हें चिन्हित किया जाए।

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