केंद्र व प्रदेश सरकारों से अपील सुझाव कुछ बिंदुओं पर जो देश की आर्थिक व्यवस्था देश की जनता के लिए ऊर्जावान साबित हो सकती है किसानों की फसलों का काम जोरों पर है मंडियों में किसी कारणवश गेहूं को ₹1500 से ₹1600 तक खरीदा जा रहा है जबकि कंट्रोल रेट 1925 रुपए केंद्र सरकार ने तय किया है हरी सब्जियां खेतों और आदि जगह पर खराब हो रही है कौराना व बेमौसम बरसात व महंगाई की मार से किसान व मजदूर बर्बादी के कगार पर खड़ा है सरकारी तोल की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है उम्मीद जताई जा रही है 15 अप्रैल से सरकारी तोल शुरू हो जाएगी सरकारों ने किसानों के लिए ऊर्जावान घोषणाएं की हैं कुछ घोषणाएं अभी नजर नहीं आ रही खेतों में और मंडियों में काम करने वाले मजदूर ज्यादातर दूसरे जिलों और प्रदेशों से आते हैं लॉक डाउन की वजह से मजदूरों को निश्चित स्थान पर पहुंचना संभव नही खेतों में काम करने वाली मशीनरी के लिए स्पेयर पार्ट व मिस्त्री की जरूरत होती है खेतों और मंडियों में आटा चक्की आटा मिलों में चौबीसों घंटे काम होता है मजदूरों की व्यवस्था नहीं होने की वजह से शायद व्यापारी मिल मालिक गेहूं की खरीददारी नहीं कर रहे इस मौके पर मजदूर चौबीसों घंटे काम करने के लिए खाने पीने आदि की व्यवस्था बीमार होने की समस्याएं बढ़ जाती हैं जिसमें डॉक्टर और मेडिसन की चौबीसों घंटे जरूरत होती है कोरोनावायरस बड़ी समस्या है लेकिन कुछ ऊर्जावान प्रोग्रेस भी करनी जरूरी है ताकि समस्याएं कम हो लोगों में भ्रम की स्थिति न बन सके हॉस्पिटल व रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की सेवा चौबीसों घंटे सुनिश्चित की जाए जिससे भीड़ जमा न हो सके हर बीमारी का इलाज संभव हो सके लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा नहीं हो जरूरी वस्तुओं आदि चार्ज ज्यादा न वसूला जाए जरूरी कंपनियां जिसमें मेडिसन तथा हॉस्पिटल बीमार लोगों से संबंधित वस्तुएं मशीनरी से संबंधित स्पेयर पार्ट आयल देश की जनता के लिए हर रोज इस्तेमाल में आने वाली जरूरी वस्तुओं की कंपनियों को खोला जाए कंपनियों में काम करने वाले सुनिश्चित वर्कर रखे जाएं और उनके लिए एक गाइडलाइन तैयार की जाए जो कंपनियों की जिम्मेदारी पर वर्कर और मजदूरों की खाने पीने की व्यवस्था रहन-सहन की व्यवस्था सुनिश्चित कर डॉक्टर तथा शासन प्रशासन का सहयोग सूझबूझ की गाइडलाइन तैयार की जाए देश के अंदर स्पेशल बस और स्पेशल ट्रेनें जरूरी सामान लाने ले जाने वाले स्पेशल वाहन चलाए जाएं देश में जितने भी डॉक्टर हैं सभी को ट्रेनिंग देकर कंपनियों आदि में जिम्मेदारी दी जाए ताकि इस बीमारी को आगे बढ़ने से रोक सकें हम देशवासियों को कुछ राहत की सांस मिले हैं विघटन परिस्थिति में आर्थिक व्यवस्था में सुधार हो लोगों मैं जो कई कारणों से डर का माहौल बना हुआ है उसमें ऊर्जा की किरण नजर आए इससे अलग किसी भी सज्जन के या सरकारों के ऊर्जावान सुझाव है तो उस पर भी विचार कर आगे की रणनीति तैयार कर लागू किया जाए यह शब्द ऊर्जावान हैं तो सभी सज्जन शेयर करें अगर यह बातें सही नहीं तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं ( हम बने सहारा करें सहयोग एक दूसरे का मंजिल को पार कर देंगे /कोरोनावायरस भयंकर बीमारी को डॉक्टर सरकार बुद्धिजीवियों के माध्यम से खाक में मिला देंगे)= जय जवान जय किसान जय भारत= भारतीय किसान यूनियन (भानु ) प्रदेश सचिव (चौधरी शौकत अली चेची)
बरेली में 78 वें जश्ने यौमें आजादी के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
हम करेंगे समाधान के लिए बरेली से फैज़ान नियाजी की रिपोर्ट। बरेली, 15 अगस्त 2024: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) बरेली द्वारा एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन बरेली के प्रसिद्ध फहाम लॉन में संपन्न हुआ, जिसमें देश के कोने-कोने से शायरों और कवियों ने भाग लिया और अपने कलाम से देशभक्ति की भावना को प्रकट किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने शिरकत की और कार्यक्रम की भव्यता और राष्ट्रीय एकता के संदेश की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ रात 10 बजे हुआ, जिसमें सबसे पहले ISWA के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फ़ाज़िल और सचिव डॉ. शकील अहमद ने अतिथियों और शायरों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिस बेग और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी भी उपस्थित थे। डॉ. फ़ाज़िल ने अपने वक्तव्य में कहा, "ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। हमें 15 अगस्त के इस पावन दिन को पूरे जोश और उल्लास के साथ ईद की तरह मनाना चाहिए।" कार्यक्रम की अध्यक्षत...