नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में अब खुद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी घर-घर जाकर हिंसा के शिकार हुए लोगों से मुलाकात करेंगे और उनके नुकसान का आकलन करेंगे। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने इन आईएएस अधिकारियों को उत्तर पूर्वी दिल्ली में तैनात करने का निर्णय लिया है। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इलाके में एसडीएम की तैनाती कर चुके हैं।
दिल्ली सरकार ने हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये, हिंसा में मरने वाले नाबालिगों के परिजनों को पांच लाख रुपये, घर जलाए जाने पर पांच लाख रुपये और स्कूल को क्षति पहुंचने पर 10 लाख रुपये तक के मुआवजे की घोषणा की है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा, "उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में छह वरिष्ठ आईएएस अफसर दो-दो एसडीएम के साथ लोगों के घरों का वेरिफिकेशन करेंगे।"
उत्तर पूर्वी दिल्ली में लोगों के क्षतिग्रस्त हुए घरों का वेरिफिकेशन दिल्ली सरकार जल्द से जल्द पूरा कर लेना चाहती है। यही कारण है कि सरकार ने अगले दो दिन इस वेरिफिकेशन के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। दरअसल क्षतिग्रस्त मकानों और उनमें रहने वालों का पूरा वेरिफिकेशन किए बिना मुआवजे की राशि नहीं दी जा सकती। इसीलिए सरकार यह वेरिफिकेशन जल्द से जल्द पूरा कर लेना चाहती है।
बरेली में 78 वें जश्ने यौमें आजादी के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
हम करेंगे समाधान के लिए बरेली से फैज़ान नियाजी की रिपोर्ट। बरेली, 15 अगस्त 2024: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) बरेली द्वारा एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन बरेली के प्रसिद्ध फहाम लॉन में संपन्न हुआ, जिसमें देश के कोने-कोने से शायरों और कवियों ने भाग लिया और अपने कलाम से देशभक्ति की भावना को प्रकट किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने शिरकत की और कार्यक्रम की भव्यता और राष्ट्रीय एकता के संदेश की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ रात 10 बजे हुआ, जिसमें सबसे पहले ISWA के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फ़ाज़िल और सचिव डॉ. शकील अहमद ने अतिथियों और शायरों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिस बेग और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी भी उपस्थित थे। डॉ. फ़ाज़िल ने अपने वक्तव्य में कहा, "ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। हमें 15 अगस्त के इस पावन दिन को पूरे जोश और उल्लास के साथ ईद की तरह मनाना चाहिए।" कार्यक्रम की अध्यक्षत...