भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में गहराता राजनीतिक संकट के बीच बहुमत परीक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर से सुनवाई होगी। अदालत से लेकर बेंगलुरु तक राजनीतिक दांव पेंच जारी हैं। इससे पहले शीर्ष अदालत में मामले पर बुधवार को दिनभर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिन की सुनवाई के दौरान मप्र विधानसभा अध्यक्ष पर कड़ा रुख अख्तियार किया और 16 विधायकों के इस्तीफे नहीं स्वीकारने का कारण पूछा। अदालत में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पक्ष के वकीलों में कई बार गरमागरम बहस भी हुई। भाजपा के वकीलों ने सभी 16 बागी विधायकों को पेश करने की इच्छा जाहिर की थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया था।अदालत में कानूनी पहलुओं पर इस मसले को मापा जा रहा है, वहीं भोपाल और बेंगलुरु में भी सियासी खेल जारी है। भोपाल में भाजपा ने दिग्विजय सिंह की शिकायत चुनाव आयोग से की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता विधायकों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।वहीं दूसरी ओर बुधवार को बेंगलुरु में सियासी ड्रामा चरम पर रहा। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सुबह-सुबह बागी विधायकों से मिलने रिजॉर्ट पहुंचे, लेकिन राज्य पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शाम तक वो बाहर आए तो कर्नाटक हाईकोर्ट में विधायकों से मिलने की इजाजत मांगी लेकिन याचिका ही खारिज हो गई।
बरेली में 78 वें जश्ने यौमें आजादी के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
हम करेंगे समाधान के लिए बरेली से फैज़ान नियाजी की रिपोर्ट। बरेली, 15 अगस्त 2024: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) बरेली द्वारा एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन बरेली के प्रसिद्ध फहाम लॉन में संपन्न हुआ, जिसमें देश के कोने-कोने से शायरों और कवियों ने भाग लिया और अपने कलाम से देशभक्ति की भावना को प्रकट किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने शिरकत की और कार्यक्रम की भव्यता और राष्ट्रीय एकता के संदेश की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ रात 10 बजे हुआ, जिसमें सबसे पहले ISWA के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फ़ाज़िल और सचिव डॉ. शकील अहमद ने अतिथियों और शायरों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिस बेग और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी भी उपस्थित थे। डॉ. फ़ाज़िल ने अपने वक्तव्य में कहा, "ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। हमें 15 अगस्त के इस पावन दिन को पूरे जोश और उल्लास के साथ ईद की तरह मनाना चाहिए।" कार्यक्रम की अध्यक्षत...