रेलवे के विभिन्न संवर्गों का विलय एकल रेलवे प्रबंधन प्रणाली में किए जाने की घोषणा के कारण रेल अधिकारी पदोन्नति और वरीयता क्रम को लेकर अनिश्चितता के कारण चिंतित हैं। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम की आवश्यकता थी क्योंकि 'कई विभागों की जटिलता' के कारण कई परियोजनाओं में देरी हो रही थी। सरकार ने कहा है कि सचिवों की समिति और मंत्रियों के पैनल द्वारा 8200 अधिकारियों संबंधी नीति पर निर्णय लेने के बाद इस मामले पर स्पष्टता होगी। हालांकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि नीति बनने के बाद ही विलय की घोषणा की जानी चाहिए थी।वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया कि हालांकि सरकार ने कहा है कि इस कदम के पीछे का मकसद विभागों की जटिलता को समाप्त करना है, लेकिन इससे दरअसल दो वर्ग पैदा होंगे-एक में मैकेनिकल और इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी अधिकारी और दूसरे में संचालनात्मक एवं कार्मिक मामलों से निपटने वाले अधिकारी होंगे। अधिकारी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह काम करेगा। यह बहुत साफ है। यदि कोई अधिकारी अपनी वरीयता को लेकर आश्वस्त नहीं होगा, तो वह काम क्यों करेगा?
बरेली में 78 वें जश्ने यौमें आजादी के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
हम करेंगे समाधान के लिए बरेली से फैज़ान नियाजी की रिपोर्ट। बरेली, 15 अगस्त 2024: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) बरेली द्वारा एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन बरेली के प्रसिद्ध फहाम लॉन में संपन्न हुआ, जिसमें देश के कोने-कोने से शायरों और कवियों ने भाग लिया और अपने कलाम से देशभक्ति की भावना को प्रकट किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने शिरकत की और कार्यक्रम की भव्यता और राष्ट्रीय एकता के संदेश की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ रात 10 बजे हुआ, जिसमें सबसे पहले ISWA के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फ़ाज़िल और सचिव डॉ. शकील अहमद ने अतिथियों और शायरों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिस बेग और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी भी उपस्थित थे। डॉ. फ़ाज़िल ने अपने वक्तव्य में कहा, "ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। हमें 15 अगस्त के इस पावन दिन को पूरे जोश और उल्लास के साथ ईद की तरह मनाना चाहिए।" कार्यक्रम की अध्यक्षत...