मध्यप्रदेश।वक्त बदला -जमाना बदला और बदल गए लोगों के अरमान, मगर नहीं बदले दबंगों के फरमान ।आज भी दलित समुदाय के लोगों पर जुल्म और अत्याचार का सिलसिला बंद नहीं हुआ है । पिछले कितनी सदियों से यह जुल्म और अत्याचार का सिलसिला चल रहा है। आज भी गांव में एक कहावत है। जिसकी लाठी उसकी भैंस। और यह कहावत ऐसे ही नहीं है । लोकतंत्र, शासन - सत्ता में भागीदारी और बहुत सारे धनाढ्य लोग दलित समुदाय के है, आई ए एस , आई आर एस, पुलिस आदि मे कर्मचारी हैं लेकिन दलितों पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आखिर क्या वजह है यह सोचने का मकाम है। क्योंकि एक सोच जो इस उत्पीड़न के पीछे काम कर रही है वह सोच जब तक खत्म नहीं होगी उत्पीड़न खत्म नहीं होगा। अभी पिछले दिनों आपने दिल्ली में देखा कि दलितों के मंदिर को किस तरह से तोड़ दिया गया।मध्य प्रदेश के शिवपुरी में खुले में शौच करने पर दो मासूम दलित बच्चों की हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले से सिरसौद इलाके में भावखेड़ी गांव में पंचायत भवन के सामने खुले में शौच करने पर दलित सगे भाई-बहन को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला गया। मारे गए दोनों मासूमों का कसूर सिर्फ इतना था कि वे खुले में शौच कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिवपुरी एसपी राजेश सिंह चंदेल के मुताबिक हत्या के इस मामले में अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं है और पुलिस ने हत्या के आरोप में दोनों आरोपियों रामेश्वर और हाकिम यादव को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की है। दो मासूम दलितों को सरेआम लाठियों से पीट-पीटकर मार डालने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में एक आरोपी हाकिम सिंह ने कहा कि उसको भगवान ने आदेश दिया है कि धरती से राक्षसों का सर्वनाश कर दो, इसलिए मैं राक्षसों का सर्वनाश करने निकला हूं। दो मासूमों की जघन्य हत्या की असली वजह तलाशने के लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में आपसी रंजिश के चलते इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने की बात सामने आ रही है।मृतक मासूम के पिता का आरोप है कि आरोपी उसको पिछले लंबे समय से जातिसूचक शब्दों से अपमान करते थे और धमकी देते थे। इसके साथ ही आरोपियों ने उन्हें गांव से चले जाने के लिए कई बार धमकी दी थी। पीड़ित का आरोप है कि दलित होने के चलते उससे गांव में भेदभाव किया जाता था। सरकार की योजना के तहत पंचायत ने पूरे गांव में शौचालय बनवा दिया लेकिन उनके घर स्वीकृत के बाद भी शौचालय नहीं बनवाया गया। इसके साथ ही उसे गांव के हैंडपंप से पानी भी नहीं भरने दिया जाता था। वहीं इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हृदयविदारक बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बरेली में 78 वें जश्ने यौमें आजादी के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।
हम करेंगे समाधान के लिए बरेली से फैज़ान नियाजी की रिपोर्ट। बरेली, 15 अगस्त 2024: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटेलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) बरेली द्वारा एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन बरेली के प्रसिद्ध फहाम लॉन में संपन्न हुआ, जिसमें देश के कोने-कोने से शायरों और कवियों ने भाग लिया और अपने कलाम से देशभक्ति की भावना को प्रकट किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने शिरकत की और कार्यक्रम की भव्यता और राष्ट्रीय एकता के संदेश की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ रात 10 बजे हुआ, जिसमें सबसे पहले ISWA के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फ़ाज़िल और सचिव डॉ. शकील अहमद ने अतिथियों और शायरों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिस बेग और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अय्यूब अंसारी भी उपस्थित थे। डॉ. फ़ाज़िल ने अपने वक्तव्य में कहा, "ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। हमें 15 अगस्त के इस पावन दिन को पूरे जोश और उल्लास के साथ ईद की तरह मनाना चाहिए।" कार्यक्रम की अध्यक्षत...